Top 123+Jimmedari Shayari In Hindi ज़िम्मेदारी पर शायरी हिन्दी में

जीवन में जिम्मेदारी निभाना हर इंसान के लिए जरूरी होता है। जिम्मेदारी हमारे व्यक्तियों को मजबूत बनाती है,हमें अनुशासन सिखाती है और दूसरों के विश्वास पर खरा उतरने की क्षमता देती है। कई बार हम अपने जीवन में अपनी जिम्मेदारियों को टालने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह जिम्मेदारी हमें सफलता और सम्मान की ओर ले जाती हैं। और यह पोस्ट आपको जिम्मेदारी को समझने में मदद कर सकती है।

इस पोस्ट Jimmedari Shayari In Hindi के माध्यम से हम न सिर्फ अपने कर्तव्य को याद रख सकते हैं। बल्कि दूसरों को भी प्रेरित कर सकते हैं। यह शायरी हमें यह सिखाती है की जिम्मेदारी केवल बोझ नहीं बल्कि जीवन में आत्म-सम्मान और संतोष पाने का रास्ता होती है। और इस पोस्ट में हम लेकर आए हैं 123 टॉप जिम्मेदारी शायरियां जो आपकी सोच को बदल सकती है।और आपके जीवन में अपने कर्तव्यो को निभाने के लिए प्रेरित कर सकती है।इसलिए आप इस पोस्ट को एक बार पूरा जरूर पढ़े।

Jimmedari Shayari In Hindi

Jimmedari Shayari 2 Line Hindi

 

जिम्मेदारी बढ़ने तो दो जनाब,
ख़्वाहिशें खुद व खुद खुदकुशी कर लेंगी।

 

जिम्मेदार इंसान कभी हारता नहीं,
वो हर हार से सीखता सही।

 

जिम्मेदारी से करता है घर संभाल 💼
बड़ा बेटा है परिवार का कमाल 🎯

Jimmedari Shayari 2 Line Hindi

जिन्हे अपनी जिम्मेदारी समझ आ जाती है
उन्हें जिंदगी में परेशानियां दूर-दूर तक,नजर नहीं आती है।

 

रैक आपको विशेषाधिकार या, शक्ति नहीं देती
ये आपके ऊपर जिम्मेदारी डालती है !!

 

अजीज दोस्तों को धीरे-धीरे भुलाने लगा हूँ,
क्योंकि अब घर की जिम्मेदारी उठाने मे लगा हूँ.!!

 

क्या बेचकर खरीदे फुरसत तुज से
जिंदगी, सब कुछ तो गिरवी पड़ा है।

Jimmedari Shayari 2 Line Hindi

नहीं समझते वो माता-पिता, के प्रति कूद की जिम्मेदारी,
पर उनकी दौलत में चाहिए, सभी को बराबर की हिस्सेदारी.

 

क्या खूब मज़बूरी हे अपनी गले में लगे पेड़ो को
हरा भी रहना है और बड़ाना भी हे.. !!

 

सुबह-सुबह मैं जग नहीं पाता हूँ,
जिम्मेदारियों से भग नहीं पाता हूँ. !!

Jimmedari Shayari 2 Line Hindi 4

जिम्मेदारी के बोझ ने कुछ ऐसे दिन भी दिखाये हैं,
सालों तक त्योहार मेरी माँ ने एक ही साड़ी में मनाए हैं….

 

बड़ा बेटा है घर की शान 🌟
सपनों को सजाए अपनी जान 💫

 

ज़रूरतें, जिम्मेदारियां, ख़्वाहिशें…
यूँ ही ईन तीन हिस्सों में दिन गुज़र जाता है।

 

मजबूरियाँ देर रात तक जगाती है
साहेब और
जिम्मेदारियां सुबह जल्दी उठाती हे।

 

बहाने बनाना बद करो दो
जिम्मेदारी लेना शुरू करो।

.

ज़िम्मेदारी का एहसास दिलाने वाली शायरी

Jimmedari Shayari 2 Line Hindi 3

जब सिर पर जिम्मेदारीयों का बोझ आता है
जब ही इंसान असली मर्द कहलाता है !!

 

ज़िन्दगी ने बहुत कौशीशें की मुझे रुलाने की,
मगर ऊपर वाले ने जिम्मेदारी उठा रखी है मुझे हँसाने की….

 

काम होता तो कब का ही ख़त्म हो चुका होता,
ये तो जिम्मेदारी ही है, जो हमेशा ही बढ़ती ही जा रही है….

 

कंधा झुका हुआ है मेरा, लेकिन मेरी उम्र बड़ी नहीं है..
आज समझ में आया, जिम्मेदारी से बड़ा कोई बोझ नहीं होता है….

 

अलार्म की जरूरत नहीं मुझे मैं अब सुबह उठ जाता हूँ
क्योंकि आजकल घर की जिम्मेदारियां उठाता हूँ !!

Jimmedari Shayari 2 Line Hindi

जब से सिर पर पारिवारिक ज़िम्मेदारी आई
मस्ती कम, समझदारी ज़्यादा नज़र आई !!

 

परिवार की हर खुशी में जो साथ निभाए
वो ही जिम्मेदारी का हक़दार कहलाए !!

 

जो अपने परिवार की जिम्मेदारी निभाते हैं
वही असली हीरो कहलाते हैं !!

 

परिवार का सहारा बनना आसान नहीं होता
हर खुशी के पीछे कोई तो थका हुआ इंसान होता !!

Jimmedari Shayari 2 Line Hindi

Jimmedari Shayari 2 Line Hindi

जो अपने घर की जिम्मेदारीयां समझता है
वही हमेशा दूसरों का दर्द भी महसूस करता है !!

 

घर के उजाले का ज़िम्मा है मुझपर..
अब डगमगाने लगे चराग़, और जलना पड़ रहा है मुझे….

 

ज़रूरतें, जिम्मेदारियां, ख़्वाहिशें..
यूँ ही इन तीन हिस्सों में पूरा दिन गुज़र जाता है….

 

जो खुद के लिए नहीं, अपनों के लिए जीते हैं। 🙂

वही ज़िम्मेदारीयों के असली मिसाल होते हैं। 🌿

 

हर उम्मीद का बोझ उठाना पड़ता है 😔
परिवार के लिए किसी को भुलाना पड़ता है 💞

 

तुझे मिलेगा अब बस तेरे जैसा क्योंकि
मेरे इस जीवन में और भी बहुत सी घर की जिम्मेदारियां है ।।

 

इक उम्र ख्वाहिशों के लिए भी नसीब हो,
घर की जिम्मेदारियां

 

जिम्मेदारी लेना मुसि बत की बात नहीं
बल्कि आज़ादी की घोषणा है।

 

 

तूफ़ान आए तो क्या, नाव भी हिम्मत से चलती है। 🙂
ज़िम्मेदारी मेरे लिए इम्तिहान नहीं, इबादत है। 🙏

 

रैक आपको विशेषाधिकार या
शक्ति नहीं देती
ये आपके ऊपर जिम्मेदारी डालती है।

Jimmedari Shayari 2 Line Hindi

विरासत में हमेशां जागीर और सोना चांदी नहीं मिलते जनाब
कभी कभी जिम्मेदारियां भी मिल जाती है।

 

इक उम्र ख्वाहिशों के लिए भी नसीब हो,
ये वाली तो बस…. जिम्मेदारियों में ही गुज़र गई….

 

क्या बेचकर हम खरेदें तुझे ऐं ज़िन्दगी,
सब कुछ तो हमारा गिरवी पड़ा हुआ है इस जिम्मेदारी के बाज़ार में

 

हसरतें भी खिलवाड़ करती रही
कभी उम्र का और कभी
समय का तक़ाज़ा देती रही
अब तो इन इच्छाओं से भी मानो
विरक्ति सी हो गई …

 

रैक आपको विशेषाधिकार या
शक्ति नहीं देती
ये आपके ऊपर जिम्मेदारी डालती है

Ghar Ki Jimmedari ShayariJimmedari Shayari 2 Line Hindi

 

दूनिया की सबसे बेहतर दवाई है जिम्मेदारी
एक बार भी लीजिये साहब जिंदगी भर थकने नहीं देगी।

छोटी उम्र में भी वो अपने पैरों पर खड़े हो जाते हैं,
ज़िम्मेदारियाँ हों उसके सर पे तो बच्चे बड़े हो ही जाते हैं।

 

बचपन गया, जवानी गई कमाई में 💼
सपने रखे उसने अलमारी में 😔
घर वालों की मुस्कान के लिए जीता है 😇
वो बेटा ही तो है, जिम्मेदारी निभाता है ❤️

 

घर की छत संभालना अब उसका काम है 🏠
माँ के आँसू पोंछना उसका नाम है 💧
खुद थक जाए पर बोलता नहीं कुछ 💬
क्योंकि उसे पता है य

 

 

रोशनी घर में रहे, तो वो जलता है,
हर चुनौती का डटकर सामना वो करता है। ⛰️
पिता का साया था, या माँ की ममता की छाँव,
ज़िम्मेदारी का रिश्ता ही उसे पूरा करता है। ☀️

 

जश्न ए रोज़गार अभी तो ख़त्म भी नहीं हुआ था,
वज़्न-ए-जिम्मेदारी ने कंधा पकड़ लिया….

 

माँ की दुआ में सारा जहाँ मिल जाता है,
उसकी उम्मीदों को निभाना फ़र्ज़ कहलाता है

हाथों में अब खिलौने नहीं, ज़िम्मेदारी है,
वक्त से पहले बड़ी हुई ये दुनियादारी है। 😥
बाप के कंधों का बोझ मेने अब उठा लिया,
मेरे हिस्से की जवानी अब बस कर्ज़दारी है। 💔

 

उम्र कम है,अभी मगर कंधों पर बोझ भारी है,
इस ज़िम्मेदारी के नाम, मेरा पूरा जहान है। 🌍

Jimmedari Shayari 2 Line Hindi

 

जिम्मेदार बनने तो दो जनाब,
ख़्वाहिशें खुद बा खुद खुदकुशी कर लेंगी….

 

वक्त ने सिखाया क्या है मजबूरी ⏰
लड़के ने समझी अपनी जिम्मेदारी 🙌
माँ के चेहरे पर जो हंसी आई 😊
उसी में उसकी पूरी ज़िंदगी समाई ❤️

 

माँ-बाप की उम्मीदों को पूरा करना इबादत है,
उनके हर सपने में बेटे-बेटी की मोहब्बत होती है।

 

जिम्मेदारी निभाकर ही परिवार संवरता है,
इंसान का दिल मोहब्बत से भरता है

 

जिम्मेदारी निभाने का जो जज्बा रखता है,
वही अपनी किस्मत खुद लिखता है।

Leave a Comment