किसान वह व्यक्ति जिसको अन्नदाता कहा जाता हैं जो अपनी मेहनत धैर्य और त्याग से पूरे राष्ट्र का पेट भरते हैं।हम जानते हैं कि किसान सबसे ज्यादा मेहनत करता है।और उनकी आर्थिक स्थिति आज भी इतनी अच्छी नहीं है जितनी उनकी स्थिति होनी चाहिए। जब हम किसी किसान के दर्द को और उसकी भावनाओ को व्यक्त करते हैं। तो हम किसी शायरी या किसी कविता का सहारा लेते हैं। इसलिए हम इस लेख में कुछ शायरियां लेकर आए हैं। जो किसान की भावनाओं को व्यक्त करता है
इस पोस्ट kisan Shayari in Hindi में आपको किसान के लिए शायरियां, किसान इमेज शायरी,आदि मिलेंगी।और आप इन पोस्ट को अपने व्हाट्सएप स्टेटस में भी लगा सकते है। एक बार पूरा पढ़े।
Kisan Shayari in Hindi

जिसकी मेहनत से सबका घर चलता है,
वो किसान सबसे बड़ा होता है।
किसानों की राह में आने वाली
हर बाधाएं दूर होनी चाहिए,
कृषि क्षेत्र से जुड़ा
हर भ्रष्टाचार दूर जरूर होना चाहिए!
भ्रष्टाचारी सरकारें सत्ता से भगाई जायेगी,
किसानों की सोई हुई किस्मत जगाई जायेगी!
किसान ही देश की असली ताकत है।
धरती का सच्चा बेटा किसान है।
किसान की मेहनत अनमोल है।
हर रोटी में किसान की मेहनत है।
किसान के बिना जीवन अधूरा है।

किसानों का हाल हमेशा बदहाल होता है,
सरकार कोई भी हो सिर्फ बवाल हि होता है!
किसान ही भारत देश की तो शान है,
फिर भी ठंड में सड़कों पर क्यों परेशान है?
कृषि विकास के लिए हमेशा कार्य सही होना चाहिए,
किसानों के ऊपर कभी राजनीति नही होना चाहिए!
जिस दिन किसानों की तकदीर पलट जाएगी,
उस दिन भारत के तरक्की की तस्वीर भी बदल जाएगी!
किसान के संघर्ष और मेहनत पर शायरी

कहाँ ले कर जाओगे किसान के हक का दाना,
इस दुनिया को एक दिन तुमको भी छोड़ चले जाना!
जिस मिट्टी को लोग पैरों तले हमेशा रौंदते हैं,
उसी मिट्टी को ही तो माथे से लगाता हैं किसान।
कभी सूखा, कभी बाढ़ सह जाता है,
फिर भी कि सान मुस्कुराना नहीं भूलता है।
फसल कटती है तो खुशी छा जाती है,
साल भर की हमारी मेहनत रंग ले आती है।
खेती में है सब्र का इम्तिहान,
हर कोई नहीं बन सकता किसान।

किसान का पसीना जब धरती पीती है,
तब जाकर हरियाली जीती है।
जब तक खेत हरे हैं,इसलिए भारत देश खड़ा है,
किसान के दम पर ही भारत बड़ा है।
किसान पर शायरी दो लाइन
धूप में जलकर जो हरियाली उगाता है,
वही किसान देश को आगे बढ़ाता है।

हल की लकीरों में लिखा है उसका नसीब,
मेहनत से बदल देता है वो हर तक़दीर।
मिट्टी से जुड़ा है किसान का हर ख्वाब,
इसी मिट्टी में बसता है उसका हर जवाब।
किसान का जीवन आसान नहीं होता,
पर उसका हौसला कभी परेशान नहीं होता।
मिट्टी से रिश्ता जो हमेशा दिल से निभाता है,
वही किसान कहलाता है
किसान पर शायरी हिंदी में

बीज बोना आसान नहीं होता,
हर कोई किसान नहीं होता
धरती माँ का सच्चा सपूत है किसान,
तभी तो कहलाता है देश की शान।
जब खेतों में हरियाली छा जाती है,
किसान के चेहरे पर खुशी आ जाती है।
जिस देश में किसान खुशहाल है,
वही देश सच में मालामाल है।
कांटों से भरे रास्तों पर चलता है किसान,
फिर भी चेहरे पर रखता है मुस्कान
बारिश की एक बूँद से मुस्कुराता है किसान,
क्योंकि उसी में छुपा होता है उसका जहान।

मिट्टी से रिश्ता कुछ ऐसी तरह निभाया किसान ने,
खुद भूखा रहकर भी दुनिया को खिलाया किसान ने।
हम मिट्टी से उठे हैं,esliye घमंड नहीं रखते,
पर मेहनत पर सवाल उठे तो छोड़ते नहीं।
किसान का हाथ मिट्टी में सही,
पर हौसले आसमान छूते हैं भाई।
हम हल चलाते हैं किस्मत नहीं,
पर किस्मत भी हमारे आगे झुकती है।
ना शहर की शान और ना पैसों का घमंड,
किसान का रुतबा उसकी मेहनत से बुलंद।
मिट्टी से प्यार है, डर से नहीं,
किसान हूँ मैं, किसी से कम नहीं।
बीज बोते हैं भरोसे के साथ,
फसल काटते हैं शान के साथ।
ना ताज चाहिए, ना तख़्त चाहिए,
किसान को बस मेहनत का हक़ चाहिए।
धूप से दोस्ती, बारिश से यारी है,
किसान की यही असली तैयारी है।
Kisan Shayari On Life

हमारे सब्र को कमजोरी मत समझ,
किसान जब खड़ा होता है तो तूफ़ान भि थम जाते हैं।
हम अन्न उगाते हैं, अहंकार नहीं,
पर सम्मान पर आए तो समझौता नहीं।
मैं किसान हूँ मुझे भरोसा हैं अपने जूनून पर,
निगाहे लगी हुई है आकाश के मानसून पर!
मे जो खुद को राशन की कतारों में खड़ा पाता हूँ,
तो मे खुद को खेतों से बिछड़ने की सजा पाता हूँ!
एक ईमानदार किसान को डरे सहमे हुए देखा है,
मेहनत करने के बावजूद भी भूख से लड़ते हुए देखा है!
खेतों का पानी अब मेरी आखों में आ गया हैं,
मेरे गाँव का किसान अब मेरे शहर में आ गया हैं!
किसान खुल के हँस तो
रहा हैं फ़क़ीर होते हुए भी,
लेकिन नेता मुस्कुरा भी
न पाया अमीर होते हुए भी!
मर रहा सीमा पर जवान और खेतों में किसान हैं,
कैसे कह दूँ मेरे इस दुखी मन से कि मेरा भारत महान हैं!

किसानो से अब वह कहाँ मुलाकात करते हैं,
बस ऱोज नये ख्वाबो की हि बात करते हैं!
ऐ ख़ुदा बस एक बार ख़्वाब सच्चा दे दे,
अबकी बरस मानसून अच्छा दे दे!
फूल खिला दे शाखों पर
और पेड़ों को फल दे मालिक,
धरती जितनी प्यासी हैं उतना तो जल दे मालिक!
चीर के जमीन को
मैं उम्मीद बोता हूँ…
मैं किसान हूँ
चैन से कहाँ सोता हूँ…
ग़रीब के बच्चे भी खाना
खा सके त्योहारों में,
तभी तो भगवान
खुद बिक जाते हैं बाजारों में!
खेतों को जब पानी की जरूरत होती है,
तो आसमान बरसता है या तो आँखें!
अब छोड़ों कीटनाशकों वाली खेती,
आओ शुरुआत करें ऑर्गेनिक वाली खेती!
मिट्टी से गहरा रिश्ता रखता हूँ,
किसान का बेटा हूँ मे गर्व से कहता हूँ!
ये बरगर, पिज़्ज़े आदि कहा से खाओगे…
जब किसान खेती ही नहीं करेंगा ?
Kisan Shayari 2 line Attitude

तुम्हारी राह में मिट्टी के घर कभी नहीं आते
इस लिए तो तुम्हें हम नज़र कभी नहीं आते
नंगे पैर जब बारिश में किसान खेतों में जाता है,
तभी तो महकता हुआ बासमती आपके घर आता है!
सज़ा कितनी बड़ी है गाँव से बाहर निकलने की
मैं मिट्टी गूँधता था अब डबलरोटी बनाता हूँ
किसान सिर्फ़ हल नहीं चलाता, वो पूरी देश की उम्मीद बोता है।
उसके हाथों में मिट्टी होती है, पर सोच में आसमान।
हम वो किसान हैं जनाब,
जो मिट्टी से सोना निकाल लेते हैं।”
धूप हो या तूफान, हम मौसम में मेहनत करते हैं शान से।”
हर लम्हा बीज बोता है उम्मीद का,
कभी सूखा, कभी आँधी तोड़ता है हौसला|
किसान हूँ, मेहनत मेरा मुकुट है,
इस धरती पर मेरा अद्भुत वजूद है|
हल उठाया था बाप ने, कलम उठाई मैंने,
किसान का बेटा हूँ,
कभी हार नहीं माने|
जिसने अन्न दिया हमें हर दफा,
आज उसकी मौत पर चुप हैं सभी दफा





