Top+144 Dushman Ki Aukat Shayari | दुश्मन को जलाने वाली शायरी हिंदी में

दुश्मन की औकात बताने वाली शायरी का प्रयोग अक्सर अपने आत्मविश्वास को दर्शाने के लिए किया जाता है। और जब लोग आपके सब्र और सादगी को आपकी कमजोरी समझ लेते है, तब ये Dushman Ki Aukat Shayari आपका सच और आत्मसम्मान की आवाज बन जाती है। औकात शायरी उन एहसासो को बयां करती है, जहां पर घमंड, दिखावा और झूठा रुतबा सामने आ जाता है। ऐसी शायरियां हमे यह याद दिलाती है कि इंसान की असली औकात उसके शब्दों से नहीं बल्कि उसके कर्म, सोच और व्यवहार से पहचानी जाती है।

किसी दुश्मन की औकात दिखाने के लिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि आप अपने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर दुश्मन की औकात शायरी जरूर से शेयर करनी चाहिए। इस पोस्ट में Dushman ki Aukat Shayari में हमने 144 से भी ज्यादा दुश्मन की औकात शायरी, दुश्मन को जलाने वाली शायरी, हिंदी में दुश्मन को धमकी देने वाली शायरी आदि शायरीयां पढ़ सकते हो। इस पोस्ट को एक बार पूरा जरूर पढ़े।

Dushman Ki Aukat Shayari

दुश्मन की औकात शायरी 2 Line

 

उनकी तो क्या इज्जत करना जिनकी
हरकत ही कुत्तो जैसी हो!

 

एक बात ना भूलना भाई,
किस्मत बदलेगी औकात नहीं!

 

जब इंसान और पतंग हद से ज्यादा हवा मे उड़ने
लगते है तो उनकी डोरी अपने आप ही टूट जाती है।

 

जो कल हमारे पास ट्यूशन पढ़ने आते थे आज
हमें पढ़ा रहे हैं।

 

उड़ने दो मिट्टी को भी आखिर कहाँ तक उड़ेगी,
हवाओं ने जब साथ छोड़ा तो जमीं पर आकर ही गिरेगी!

 

दुश्मन को चेतावनी शायरी

 

खुदा सलामत रखे उन आँखों को,
जिनमे आजकल हम चुभते बहुत है!

 

जिनके जमीन पर ही रहने के ठिकाने नहीं,
वह आसमान पर अपना ठिकाने ढूंढने चले !

 

जो मुझे कल मेरी औकात दिखा रहे थे,
आज वक़्त ने उन्हें उनकी ही औकात दिखा दी !

 

अक्सर बहादुरी की डींगे भी वही मारा करते है,
जो कायर हमेशा झुंड में चला करते है !

 

जिनकी नजरो में हम बुरे है,
वो अपनी आँखे डोनेट कर सकता है!

 

क्या खाक करेगा कोई हमारा मुकाबला,
हमसे मुकाबला करने वाले तो राख हो गए है

 

हमसे लोग ऐसा जल रहे है
जैसा हम आपने बाप का नहीं ,
उनके बाप का खा रहे है |

 

छलांग तो हम वक्त आने पर लगाएंगे,
सारे मोहल्ले तुम खरीद लो ,
हुकूमत हम चलाएंगे |

 

दुश्मन को जलाने वाली शायरी हिंदी में

 

जिन्हें आज तुम बदमाश मानते हो,
वो कभी चेले थे हमारे!

 

दुश्मन को चेतावनी शायरी

 

हाथ में खंजर ही नहीं बल्कि आँखों में पानी भी चाहिए,
हमें दुश्मन भी थोड़ा बदमाश चाहिए!

 

हमसे दुश्मनी उतनी ही करना ,
जो कल को तुम्हे घर से निकलने में ,कोई दिक्कत ही नहीं हो |

 

औक़ात की बात करते हो,
दुश्मन तो हमें देख कर ही अपनी किस्मत को भी कोसते हैं।

 

औक़ात क्या बताएँ दुश्मन की…
वो वहीं गिरते हैं जहाँ से हम कभी गुजरते भी नहीं।

 

दुश्मन की औकात शायरी 2 Line

 

दुश्मन हमारी चाल का भी अंदाज़ा नहीं लगा पाते,
हम वो खिलाड़ी हैं जो खेल में उतरकर भी नियम बदल जाते।

 

दुश्मन को हमारी उड़ान से जलन है,
क्योंकि वह चल ही नहीं पाते जहाँ हम दौड़ते हैं।

हमसे भिड़ने की औक़ात नहीं उनकी,
जिन्हें हमारी परछाई भी भारी लगती है।

 

दुश्मन की औकात शायरी 2 Line

 

हमसे जलकर क्या हासिल कर लोगे यार,
हम वो सूरज हैं जिसे तुम हाथ से छू नहीं सकते बार-बार।

 

दुश्मन को चेतावनी शायरी

 

दुश्मन की औक़ात क्या बताएं,
हम मुस्कुरा दें तो उनकी नींद ही उड़ जाए।

 

दुश्मन आज भी हमारे पीछे हैं,
क्योंकि हम वहाँ पर हैं जहाँ वो सोच भी नहीं सकते।

 

Dushman Ki Aukat Shayari
Dushman Ki Aukat Shayari

 

हमें नीचा दिखाने चले थे,
पर खुद ही जमीन पर गिर पड़े।

 

दुश्मन सोचते हैं हमें रोक लेंगे,
अरे हम वो लहर हैं जो खुद रास्ता बनाती है।

दुश्मन हमें गिराने का सपना देखते ही रह गए,
और हम भि हर दिन नई मंज़िलें तय करते गए।

 

दुश्मन जलते रहते हैं हमारे चमकने से,
क्योंकि उनकी रोशनी हमारे बराबर नहीं।

 

दुश्मन को जलाने वाली शायरी हिंदी में 2 Line

दुश्मन को चेतावनी शायरी

 

हमसे जलना उनकी पुरानी आदत है,
और हमारा चमकना हमारी विरासत है।

 

प्यार के दुश्मनों की किस्मत ही तो ऐसी है,
जहाँ हम मुस्कुराते हैं, वहीं पर उनकी जलन शुरू होती है।

 

दुश्मन चाहे कितनी भी बातें करें मेरे और तेरे खिलाफ लेकिन,
हम दोनों का साथ भी उनका सबसे बड़ा जवाब है साफ़।

 

Dushman Ki Aukat Shayari
Dushman Ki Aukat Shayari

 

हमारा रिश्ता नफरत वालों के सहारे नहीं
एक-दूजे की धड़कनों के इशारो पर ही चलता है,

 

हमारे प्यार से जलना उनकी ही मजबूरी है,
क्योंकि हम दो नो साथ खड़े हैं—ये उनकी हार पूरी है।

 

दुश्मन चाहे कितनी भी कोशिश करें,
हमारा प्यार हर बार ही उनकी हिम्मत तोड़ दे।

 

 

खतरा दुश्मनों से नहीं है ,
बल्कि गिरगिट जैसे अपनो से है |

 

Dushman Ki Aukat Shayari
Dushman Ki Aukat Shayari

 

मेरी औकात अपने आप से पूछ ,
जब भी मिलता है सलाम ही ठोकता है |

भाई बोलने का हक मैने सिर्फ अपने दोस्तों को दिया है ,
वरना दुश्मन तो हमें अब भी बाप के नाम से ही पहचानते हैं |

 

भोकना और चिल्लाना कुत्तों का काम होता है ,
हम तो बेज्जती भी तमीज से ही करते है |

 

 

वही करो जो अच्छा लगे ,
जिंदगी आपकी है किसी के बाप की थोड़ी हे |

 

बातें ऐसी करो कि सामने वालों का दिल भी जीत लो,
और स्माइल ऐसी दो kiजलने वालों का कलेजा चीर दो |

 

तुझसे अच्छे तो मेरे दुश्मन ही निकले,
जो हर बात पर कहते हैं की ‘तुम्हें नहीं छोड़ेंगे .

 

दुश्मन को चेतावनी शायरी

Dushman Ki Aukat Shayari
Dushman Ki Aukat Shayari

 

अकड़ तोड़नी है उन मंजिलों की,
जिनको अपनी ऊंचाई पर गरूर है..!!

 

जो लोग नफरत में जीते हैं, उनकी औकात बहुत छोटी होती है,
मेरे सपनों की उनसे कभी तुलना भी नहीं हो सकती।

 

दुश्मन जो समझे खुद को बड़ा,
वो बस मेरी हिम्मत का सवाल है।

 

जो मुझसे टकराए,वह सिर्फ सीख जाए,
दुश्मन की औकात ही वक्त दिखाती है।

हारना मत कभी ज़िंदगी मे क्यूंकी लोग आपके
हारने का इंतजार कर रहे है।

 

कोई गैंग नहीं है मेरी पहचान की लेकिन
ऐसा है की हर गैंग का आदमी इस चेहरे को देख कर ही हमेशा सलाम ठोकता है!

 

नफरत उनके दिल में, लेकिन शक्ति सिर्फ मेरी है,
उनकी औकात सिर्फ मेरे ही चरणों के नीचे है।

 

मुझसे बैर करने वाले सिर्फ खुद पे भरोसे रखते हैं,
दुश्मन की औकात तो मेरे संघर्ष से ही जानी जाती है।

 

जो मुझपे हँस रहे हैं, वो खुद रो रहे हैं,
दुश्मन की औकात सिर्फ मेरी कमजोरी को ही जानती है।

 

दुश्मन की औकात सिर्फ मेरे साथ ही
नफरत के समुद्र में डूब जाए

 

जो मुझे तोड़ने आए, उनकी कोशिश बेकार है,
दुश्मन की औकात तो सिर्फ मेरे सपनों की ही बात है।

 

दुश्मन जो समझे मैं कमजोर हूँ,
उनकी औकात सिर्फ खुद की सोच में है।

 

दुश्मन मेरी हार देखना चाहते थे,
हमने मुस्कुराकर उनकी उम्मीद ही तोड़ दी

 

दुश्मन आज भी हमसे जलते हैं,
क्योंकि हम जहाँ खड़े होते हैं वहाँ इनके सपने भी डगमगाते हैं।

 

दुश्मन की सोच छोटी और मेरा इरादा बड़ा,
उनकी औकात सिर्फ हमारे जज़्बे की मिसाल है।

 

जो लोग जलते हैं मेरे नाम से,
दुश्मन की औकात सिर्फ मेरे असर से ही जानती है।

 

दुश्मन जो समझे मैं कुछ नहीं,
उनकी औकात तो बस मेरी जीत के साथ है।

 

नफरत का बोझ उनके सिर पर है,
सिर्फ दुश्मन की औकात बस मेरे हौसले के सामने है।

 

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